जल

जल में आयतनात्मक  तथा भारात्मक रूप से H तथा O क्रमशः 2:1 वह 1:8  के अनुपात में होते हैं. जल का अधिकतम घनत्व 4 डिग्री सेल्सियस पर होता है. यह एक अच्छा विलायक है. आयनिक यौगिक जल में विलय होते हैं किंतु सह संयोजक योगीक सामान्यतः जल में अविलय होते हैं. जल की संरचना V  के आकार की होती है. जल का अणु ध्रुवीय होता है.

कठोर एवं मृदु जल

वह दिल जो साबुन के साथ आसानी से झाग दे देता है,मृदु जल कहलाता है, परंतु जो जल साबुन के साथ कठिनाई से झाग दे देता है, कठोर जल कहलाता है, कठोर जल साबुन के साथ झाग नहीं देता क्योंकि यह सब उनके साथ क्रिया करके अवक्षेप बनता है.

जल की कठोरता

जल की कठोरता कैल्शियम और मैग्नीशियम के बाईकोबोर्नेटो, सेल्फेटो  वह क्लोराइड की उपस्थिति के कारण होती है. यह दो प्रकार की होती है

अस्थाई कठोरता

यह ca व mg के बाईकाबोर्नेटो की उपस्थिति के कारण होती है. अस्थाई कठोरता जल को उबालकर या चूने को मिलाकर दूर की जा सकती है.

स्थायी कठोरता

यह जल में ca व mg सल्फेटो तथा  क्लोराइड की उपस्थिति के कारण होती है.

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