भारत की प्रमुख दलहन फसलें

  • सभी दलहनी फसलें लेग्यूमिनेसी कुल की फसलें होती है। इस कुल की फसलों की प्रमुख विशेषता यह होती है कि इनकी जड़ों की ग्रन्थियों में राइजोबियम नामक जीवाणु पाया जाता है, जोकि वायुमण्डल की नाइट्रोजन को नाइट्रेट में परिवर्तित कर मृदा की उर्वरता बढ़ता है।
  • दलहन की फसलें फसल चक्र में सर्वाधिक महत्वपूर्ण स्थान रखती है।
  • भारत की प्रमुख दलहन फसलें निम्नवत है-
    1. रबी ऋतु की फसलें- अरहर, चना, मटर, मसूर।
    2. खरीफ ऋतु की फसलें- सोयाबीन, मूंग, उड़द, लोबिया।
    3. जायद ऋतु की फसलें- सोयाबीन, मूंग, उड़द।
  • जिन क्षेत्रों में सिंचाई के पर्याप्त साधन उपलब्ध होते हैं वहां पर दलहन फसलें जायद ऋतु में भी उगायी जाती हैं। अतः भारत में दलहनी फसलें तीनों फसल ऋतु में उगायी जाती हैं।
  • दलहन फसलों में सबसे अधिक प्रोटीन सोयाबीन में पाया जाता है –
    1. प्रोटीन- 40%
    2. तेल- 20%
  • विश्व में सोयाबीन का सबसे अधिक उत्पादन यू०एस०ए० तथा ब्राजील में होता है।
  • भारत में दलहन फसलों में सबसे अधिक उत्पादन सोयाबीन की फसल का ही होता है।
  • दलहन फसलों का सर्वाधिक उत्पादन मध्य प्रदेश में होता है। फसलवार उत्पादन में राज्यों का स्थान निम्नवत है-
    1. सोयाबीन- मध्य प्रदेश
    2. चना- मध्य प्रदेश
    3. अरहर- महाराष्ट्र
    4. मसूर- उत्तर प्रदेश

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