लौह अयस्क

जब लौह को धरती से निकाला जाता है तब वह विशुद्ध रूप में होता है तथा उसमें कई अशुद्धियां होती है। इन अशुद्धियों का अलग करके शुद्ध लौह प्राप्त किया जाता है।

लौह अयस्क चार प्रकार का होता है –

  • मैग्नेटाइट – यह सर्वोत्तम प्रकार का लोह अयहस्क होता है तथा भारत में ये केवल दक्षिणी राज्यों में पाया जाता है। कुदरेमुख (कर्नाटक), गोवा, सेलम (तमिलनाडु), कोझीकोड (केरल)। मैग्नेटाइट का 70% भण्डार कर्नाटक राज्य में है।
  • हेमेटाइट – यह दूसरी सर्वोत्तम किस्म का लोह अयस्क होता है। भारत में 80% लोह भण्डार इसी का है। मुख्यतः पूर्वी राज्यों में उड़ीसा, झारखण्ड, छत्तीसगढ़ में संचित है।
  • लिमोनाइट
  • सिडेराइट – सबसे निम्नतम कोटी का लोह अयस्क होता है।

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