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विलयन

दो या दो से अधिक पदार्थों के शाम के मिश्रण को विलियम कहते हैं. किसी पदार्थ की वह मात्रा जो निश्चित ताप पर 100 ग्राम विलायक को शतप्त  करने के लिए आवश्यक होती है, पदार्थ की विलेयता कहलाती है. कोलाइडी अवस्था - निलंबन निलंबन एक विषमांगी बिलयन है, इस में विलय के कारण पूर्णता...

उत्प्रेरण

किसी पदार्थ की उपस्थिति में यदि किसी रासायनिक अभिक्रिया की दर परिवर्तित हो जाती है परंतु वह पदार्थ स्वयं अभिक्रिया के अंत में रासायनिक रूप में अपरिवर्तित रहता है तो उसे उत्प्रेरण कहते हैं. तथा ऐसे पदार्थ को उत्प्रेरण कहते हैं. उत्प्रेरण दो प्रकार का होता है- समांगी उत्प्रेरण

रबड़

प्राकृतिक रबड़ अनेक आइसोप्रीन इकाइयों से बना एक योगात्मक बहुलक है. यह एक चिपचिपा पदार्थ होता है जिसमे अत्यंत कम मात्रा में लचीलापन पाया जाता है. मिश्रण को गर्म किया जाता है जिसे वल्कनीकरण कहते हैं. संश्लेषित  रबड़ में, ब्युना रबड़, नियोप्रिन रबड़, ब्युना- S रबड़ तथा ब्यूना-N मुख्य है. इनका उप...

द्रवित पेट्रोलियम गैस या एल. पी. जी.

यह ब्यूटेन तथा एथेन  हाइड्रोकार्बनो का मिश्रण है  एवं रसोई गैस के रूप में प्रयोग की जाती है. यह प्राकृतिक गैस तथा पेट्रोलियम का प्रभाजी आसवन से प्राप्त होती है. एल.पि. जि. के रिसाव की तुरंत पहचान करने के लिए उसमें दुर्गंध युक्त पदार्थ है मरकैप्टन मिश्रित कर देते हैं.

प्राकृतिक गैस

प्राकृतिक गैस कोयले को हाइड्रोजन के साथ उत्प्रेरक की उपस्थिति मैं उच्च दाब  पर गर्म करने पर प्राप्त होती है. यह तेल के कुओं से सह - उत्पाद के रुप में प्राप्त किया जाता है. प्राकृतिक गैस का मुख्य अवयव मेथेन (CH4 ) है. भारत में प्राकृतिक गैस के कुए, त्रिपुरा, जैसलमेर, मुंबई, कृष्णा गोदावरी डेल...

पेट्रोलियम

यह गहरे रंग का तरल द्रव है. यह जल से हल्का सा इसमें अविलेय है. यह समुंदरी पेड़ पौधों और जानवरों के, उच्च ताप व दाब पर, अपघटन होने के कारण बना है. यह प्रक्रिया हजारों सालों में संपन्न हुई है. पेट्रोलियम का प्रभाजी आसवन के फलस्वरूप पेट्रोलियम गैस, पेट्रोल, डीजल, केरोसिन, मॉम, रेजिन,  आदि उत्पा...

कोयला

सालों से पेड़-पौधों पृथ्वी के नीचे सतह में दबते रहे उच्च ताप व दाब के कारण. यह पेड़ पौधे कोयले में परिवर्तित हो गए. कोयले में कार्बन और हाइड्रोजन होते हैं. भारत में कोयले की खाने झारीयां ( झारखंड) , बोकारो ( झारखंड),  रानीगंज ( पश्चिम बंगाल) कोयले के उपयोग

ईंधन

कोयला, पेट्रोलियम तथा प्राकृतिक गैस जीवाश्म ईंधन के उदाहरण है. यह मृत जानवरों वह पेड़ पौधों के अपघटन के फलस्वरूप बने हैं. यह मृत जानवर में पौधे पृथ्वी के नीचे दबे रहेता भौगोलिक परिवर्तन हो उंच ताप है उच्च दाब के कारण जीवाशम ईंधन में परिवर्तित हो गए.

कार्बनिक रसायन

कार्बन तत्व सभी जीवित वस्तुओं में पाया जाता है. सभी जीवित वस्तुओं पौधे तथा जानवर कार्बनिक यौगिक से बने होते हैं, जिन्हें कार्बनिक योगिक कहते हैं. कार्बन तत्व हमारे दैनिक जीवन में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करता है. कार्बन हमेशा सहसंयोजक बंध बनता है. कार्बन की संयोजकता 4  होती है. इस का इलेक्ट्रॉन...

जल

जल में आयतनात्मक  तथा भारात्मक रूप से H तथा O क्रमशः 2:1 वह 1:8  के अनुपात में होते हैं. जल का अधिकतम घनत्व 4 डिग्री सेल्सियस पर होता है. यह एक अच्छा विलायक है. आयनिक यौगिक जल में विलय होते हैं किंतु सह संयोजक योगीक सामान्यतः जल में अविलय होते हैं. जल की संरचना V  के आकार की होती ह...